
डेस्क खबर खुलेआम
रायपुर। शासकीय शराब दुकानों में सुपरवाइजर और सेल्समैन की नौकरी दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले दो आरोपियों को खम्हारडीह पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने फर्जी नियुक्ति पत्र देकर बेरोजगार युवकों से कुल 4.50 लाख रुपये ऐंठ लिए थे।पुलिस के अनुसार, जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम लखुर्री निवासी शिवधन सागर ने थाना खम्हारडीह में शिकायत दर्ज कराई थी कि सितंबर 2025 में उसके मोबाइल पर छत्तीसगढ़ की विभिन्न शासकीय मदिरा दुकानों में भर्ती संबंधी एक संदेश आया। संदेश में दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क करने पर योगेश साहू ने स्वयं को भर्ती प्रक्रिया से जुड़ा व्यक्ति बताते हुए उसे रायपुर बुलाया।रायपुर में योगेश साहू ने शासकीय शराब दुकानों में सुपरवाइजर और सेल्समैन की नौकरी दिलाने का भरोसा देकर प्रति व्यक्ति 1.50 लाख रुपये की मांग की। उसके झांसे में आकर प्रार्थी और उसके साथियों ने फोन-पे तथा नगद के माध्यम से कुल 3 लाख रुपये दे दिए। इसके बाद आरोपियों ने दो युवकों को कोरबा स्थित शासकीय विदेशी मदिरा दुकान के नाम से नियुक्ति पत्र सौंपे, लेकिन जांच में वे पूरी तरह फर्जी निकले।जब पीड़ितों ने पैसे वापस मांगे तो योगेश साहू ने उन्हें अपने साथी दिलीप यादव से मिलवाया। दिलीप ने खुद को एक निजी कंपनी का ऑपरेशन हेड बताते हुए जांजगीर-चांपा जिले की मदिरा दुकान में नौकरी लगवाने का भरोसा दिया और प्रार्थी से 1.50 लाख रुपये और ले लिए। इसके बावजूद न नौकरी मिली और न ही कोई वैध नियुक्ति पत्र दिया गया। बार-बार मांगने पर दोनों आरोपी टालमटोल करते रहे।शिकायत के आधार पर थाना खम्हारडीह में अपराध क्रमांक 203/26 के तहत धारा 318(4) एवं 336(3) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपायुक्त (नॉर्थ जोन) मयंक गुर्जर के निर्देश पर विशेष टीम गठित कर आरोपियों की तलाश शुरू की गई।तकनीकी साक्ष्यों, मुखबिर की सूचना और लगातार दबिश के बाद पुलिस ने योगेश साहू और दिलीप यादव को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में दोनों ने नौकरी दिलाने के नाम पर प्रार्थी एवं उसके साथियों से 4.50 लाख रुपये लेकर धोखाधड़ी करना स्वीकार कर लिया।गिरफ्तार आरोपियों में फूलवारी, जिला बलौदाबाजार निवासी योगेश साहू (हाल निवासी शिवानंद नगर, रायपुर) तथा कैलाश नगर, बीरगांव निवासी दिलीप यादव शामिल हैं। दोनों को गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है।








