

डेस्क खबर खुलेआम
गणेश भोय जिला ब्यूरो जशपुर
जशपुर।डबल मर्डर के सनसनीखेज मामले में न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाते हुए नए कानून के तहत बड़ा फैसला सुनाया है। विशेष न्यायाधीश, अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण न्यायालय, जशपुर (छ.ग.) ने आरोपी खीरसागर यादव को आजीवन कारावास एवं अर्थदण्ड की सजा से दण्डित किया है। प्रकरण के अनुसार, आरोपी खीरसागर यादव (उम्र 28 वर्ष), निवासी ग्राम खजरीढाप, चौकी कोतबा, थाना बागबहार ने शराब के नशे में घरेलू विवाद के दौरान अपनी पत्नी रोशनी बाई (26 वर्ष) तथा बीच-बचाव कर रही सास जगरमनी बाई की लाठी से बेरहमी से हत्या कर दी थी। यह हृदयविदारक घटना नवंबर 2024 में घटित हुई थी।घटना के संबंध में प्रार्थी चक्रधर यादव (उम्र 50 वर्ष) ने दिनांक 18.11.2024 को चौकी कोतबा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी और उसकी पत्नी शराब सेवन के बाद आए दिन विवाद करते थे। घटना की शाम सब्जी बनाने के दौरान विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपी ने पहले लकड़ी के डंडे से पत्नी पर हमला किया, डंडा टूटने के बाद दूसरे डंडे से सिर पर प्रहार कर दिया। पत्नी की चीख-पुकार सुनकर बीच-बचाव करने पहुंची सास पर भी आरोपी ने लगातार वार किए, जिससे दोनों की मौके पर ही मृत्यु हो गई।घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी फरार हो गया था, लेकिन जशपुर पुलिस की तत्परता से 24 घंटे के भीतर दिनांक 19.11.2024 को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया। मामले में आरोपी के विरुद्ध अप.क्र. 141/24, भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) (दो बार) एवं एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 की धारा 3(2)(5) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया था।न्यायालय ने अभियोजन साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को धारा 103(1) (दो बार) के अंतर्गत आजीवन कारावास तथा ₹500-₹500 के अर्थदण्ड से दण्डित किया है।इस प्रकरण में लोक अभियोजक अजीत रजक द्वारा प्रभावी पैरवी की गई, वहीं विवेचना एसडीओपी पत्थलगांव डॉ. धुर्वेश कुमार जायसवाल के मार्गदर्शन में संपन्न हुई।











