

डेस्क खबर खुलेआम
गणेश भोय जिला ब्यूरो जशपुर
चंदागढ़–तमता मार्ग पर घटिया निर्माण का आरोप, भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी ग्रामीणों की उम्मीद
पत्थलगांव विकासखंड के ग्राम पंचायत चंदागढ़ से तमता तक करोड़ों रुपये की लागत से बनी सड़क पर निर्माण गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। हालात ऐसे हैं कि डामरीकरण के महज़ दो सप्ताह बाद ही सड़क जगह-जगह से उखड़ने लगी, जबकि कई सहायक कार्य आज तक पूरे नहीं किए जा सके हैं।इस सड़क का भूमिपूजन कुछ माह पूर्व स्थानीय विधायक गोमती साय द्वारा किया गया था। लुड़ेग-तमता मंडल अध्यक्ष ने जानकारी दी कि 2.7 किलोमीटर लंबी इस सड़क के निर्माण हेतु पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा 217.77 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई थी, लेकिन ठेकेदार ने निर्माण कार्य में भारी अनियमितताएँ कीं।स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क की हालत इतनी खराब है कि छह माह के भीतर इसके पूरी तरह जर्जर होने की आशंका है। सड़क के किनारे टूटने लगे हैं और कई स्थानों पर डामर उखड़ चुका है, जिससे राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।जनपद सदस्य रमेश यादव ने बताया कि यह सड़क पहले कच्ची थी, जिससे विशेषकर बरसात के मौसम में स्कूली बच्चों को आने-जाने में भारी दिक्कत होती थी। वर्षों की मांग के बाद जब शासन ने करोड़ों की स्वीकृति दी, तो ग्रामीणों को राहत की उम्मीद जगी थी, लेकिन घटिया निर्माण ने उस उम्मीद पर पानी फेर दिया।चंदागढ़-तमता सड़क बनने से चंदागढ़, बटुराबहार, भैंसा मुड़ा सहित कई गांव सीधे जुड़े हैं। ग्रामीण रोजमर्रा के कार्य, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए इसी मार्ग पर निर्भर हैं। बार-बार गुहार लगाने के बाद मिली यह सड़क ठेकेदार की लापरवाही और भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई, ऐसा ग्रामीणों का आरोप है।स्थानीय ग्रामीण गणेश दीवान और राम सिंह दीवान ने सड़क की तकनीकी जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्यवाही की मांग की है।वहीं इस मामले पर पीडब्ल्यूडी विभाग पत्थलगांव के एसडीओ एस.एस. पैकरा ने बताया कि सड़क की गुणवत्ता की जांच के लिए इंजीनियर को मौके पर भेजा जाएगा और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।










