

डेस्क खबर खुलेआम
रायगढ़ जिले के खरसिया क्षेत्र में 05 फरवरी को हुई भीषण औद्योगिक दुर्घटना ने अब एक हृदयविदारक त्रासदी का रूप ले लिया है। हादसे में गंभीर रूप से झुलसी 9 माह की मासूम बच्ची भूमि खड़िया की उपचार के दौरान पहले ही मृत्यु हो चुकी थी। अब उसी परिवार पर दुखों का पहाड़ तब टूटा जब भूमि के पिता शिव खड़िया (27 वर्ष) और अन्य घायल इंदीवर (19 वर्ष) ने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।तीनों का उपचार रायपुर स्थित Kalda Burns & Plastic Surgery Centre में चल रहा था। चिकित्सकों के अनुसार वे 70 से 90 प्रतिशत तक झुलसे हुए थे और उनकी हालत अत्यंत गंभीर बनी हुई थी। चिकित्सकीय प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। इस दर्दनाक हादसे ने एक ही परिवार के तीन सदस्यों की जिंदगी छीन ली है। गांव में मातम पसरा हुआ है और हर आंख नम है। मासूम बच्ची की मौत के बाद पिता की मृत्यु ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है।

मृतक एवं घायलों की स्थिति (अपडेट ) मृतक :▪️ भूमि खड़िया (9 माह)▪️ शिव खड़िया (27 वर्ष)▪️ इंदीवर (19 वर्ष)गंभीर घायल :▪️ साहेब लाल खड़िया (45 वर्ष) – 80–90% झुलसे▪️ उदाशिनी खड़िया (25 वर्ष) – 30–40% झुलसी▪️ कौशल (25 वर्ष) – 70–80% झुलसे▪️ प्रिया (32 वर्ष) – 70–80% झुलसीघटना के संबंध में FIR क्रमांक 0047 दर्ज की गई है। वहीं, गंभीर आरोप सामने आए हैं कि प्लांट प्रबंधन की ओर से पीड़ित परिवारों पर FIR वापस लेने और बयान बदलने का दबाव बनाया जा रहा था। इस आरोप ने मामले को और भी संवेदनशील बना दिया है।
मृतकों के परिजनों को तत्काल पर्याप्त मुआवजा और सरकारी सहायता दी जाए।सभी घायलों के समुचित इलाज का खर्च प्लांट प्रबंधन से वसूला जाए।FIR वापस लेने और बयान बदलने के दबाव की न्यायिक या उच्चस्तरीय जांच हो।प्लांट प्रबंधन व जिम्मेदार अधिकारियों पर कठोर आपराधिक कार्रवाई की जाए।पीड़ित परिवारों को सुरक्षा प्रदान की जाए।यह मामला अब केवल एक औद्योगिक दुर्घटना नहीं रह गया है, बल्कि श्रमिक सुरक्षा, औद्योगिक जवाबदेही और मानव जीवन की अहमियत से जुड़ा गंभीर प्रश्न बन चुका है। क्षेत्रवासी और सामाजिक संगठन निष्पक्ष जांच एवं सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।












