

बिलासपुर संभाग
रिपोर्टर सुखदेव आजाद
जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत 108 एम्बुलेंस सेवा में 16 नई एम्बुलेंस को शामिल किया गया। इन एम्बुलेंस को जिला कलेक्टोरेट परिसर से आज विधिवत हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया, जिससे जिले में आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की पहुंच और गति दोनों में सुधार की उम्मीद है।

👉इस कार्यक्रम में विधायक अमर अग्रवाल, विधायक दिलीप लहरिया, विधायक सुशांत शुक्ला, महापौर पूजा विधानी, कलेक्टर संजय अग्रवाल तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शुभा गरेवाल सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि नई मिली 16 एम्बुलेंस में से 3 अत्याधुनिक एडवांस लाइफ सपोर्ट (एएलएस) प्रणाली से सुसज्जित हैं। ये एम्बुलेंस चलती-फिरती आईसीयू के रूप में कार्य करेंगी, जिनमें वेंटिलेटर, मॉनिटरिंग सिस्टम, ऑक्सीजन सपोर्ट, डिफिब्रिलेटर एवं अन्य जीवनरक्षक उपकरण उपलब्ध हैं। इससे गंभीर मरीजों को अस्पताल पहुंचने से पहले ही बेहतर प्राथमिक उपचार मिल सकेगा।

👉नए मिले 16 एम्बुलेंस को पीएचसी सकरी, बिलासपुर आईएफटी, पीएचसी सीपत, सिम्स बिलासपुर, सीएचसी बिल्हा, पीएचसी तोरवा, सीएचसी मस्तुरी, जिला अस्पताल, पुलिस स्टेशन सरकण्डा, सीएचसी तखतपुर, सीएचसी कोटा, सीएचसी मस्तुरी 2, जिला अस्पताल 2, हाईकोर्ट बिलासपुर, सिम्स एवं सीएचसी रतनपुर में तैनात रखा जायेगा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक अमर अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार लगातार स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए प्रयासरत है।

👉उन्होंने कहा कि नई एम्बुलेंसों से न केवल सेवा की गुणवत्ता बढ़ेगी, बल्कि आपातकालीन परिस्थितियों में समय पर सहायता मिलने से अनेक लोगों की जान बचाई जा सकेगी। उन्होंने विशेष रूप से एडवांस लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस को गंभीर मरीजों के लिए अत्यंत उपयोगी बताया। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कहा कि जिले में 108 सेवा पहले से ही प्रभावी रूप से कार्य कर रही है और नई एम्बुलेंसों के शामिल होने से रिस्पांस टाइम में कमी आएगी। साथ ही दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों तक भी त्वरित चिकित्सा सहायता पहुंचाना और अधिक आसान होगा। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शुभा गरेवाल ने जानकारी दी कि सभी एम्बुलेंसों में प्रशिक्षित इमरजेंसी मेडिकल तकनीशियन तैनात रहेंगे, जो मौके पर ही प्राथमिक उपचार प्रदान करेंगे। इससे दुर्घटना या गंभीर बीमारी की स्थिति में मरीज की स्थिति को स्थिर रखने में मदद मिलेगी।रेहाना











